दंतेवाड़ा नक्सली हमले से कुछ सीख क्यों नहीं लिया जिसमें 76 जवान शहीद हुए थे ? दोबरा वैसी ही गलती क्यों ? – News

दंतेवाड़ा नक्सली हमले से कुछ सीख क्यों नहीं लिया जिसमें 76 जवान शहीद हुए थे ? दोबरा वैसी ही गलती क्यों ?

छत्तीसगढ़ के बीजापुर-सुकमा में सुरक्षाबलों पर हुए नक्सली हमले का शोक पूरा देश मना रहा है. गृहमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री ने इस हमले का बदला लेने और नक्सलियों को सबक सिखाने की बात कही है। याद हो दंतेवाड़ा में अप्रैल 2010 में हुआ नक्सली हमला, जिसकी आज बरसी है। इस नरसंहार में एक पुलिसकर्मी और CRPF के 75 जवान शहीद हो गए थे।

दंतेवाड़ा में भी हुई थीं गलतियां?

रिपोर्ट्स में कई खामियां भी सामने आई थीं। कहा जाता है कि लौटते समय लैंडमाइन के लिए सड़कों की चेकिंग जैसे कई SOP फॉलो नहीं हुए थे। कुछ रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया था कि जवानों के पास पर्याप्त हथियार नहीं थे। 7 अप्रैल को 2010 PTI रिपोर्ट के मुताबिक, तब गृह सचिव रहे जीके पिल्लई ने माना था कि इसमें कई गलितयां हुईं थीं।

हमले के बाद चिदंबरम ने की थी इस्तीफे की पेशकश

दंतेवाड़ा में हुए इस हमले के बाद गृहमंत्री पी चिदंबरम ने इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसे अस्वीकार कर दिया था. चिदंबरम ने कहा था, “दंतेवाड़ा में जो हुआ, मैं उसकी पूरी जिम्मेदारी लेता हूं.”

बीजापुर-सुकमा हमले में 22 जवान शहीद

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 4 अप्रैल 2021 को सुरक्षा बल और नक्सलियों के बीच घंटों चली मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हो गए. इस हमले के बाद एक जवान भी लापता है. इस जवान के नक्सलियों के कब्जे में होने की आशंका है.

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