‘कपिल बैंसला को बेल मिल सकती हैं तो प्रेग्नेंट सफूरा जरगर को क्यो नहीं’, सोशल मीडिया छिड़ी बहस – News

‘कपिल बैंसला को बेल मिल सकती हैं तो प्रेग्नेंट सफूरा जरगर को क्यो नहीं’, सोशल मीडिया छिड़ी बहस

यूएपीए के तहत गिरफ्तार जामिया समन्वय समिति (जेसीसी) की सदस्य सफूरा जरगर की कैद का मामला पर एक बार फिर से सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। सफूरा की गिरफ्तारी पर सोशल मीडिया यूजर्स बंटे दिखाई दे रहे हैं।

कुछ सफूरा जरगर की रिहाई की मांग कर रहे हैं परन्तु कुछ लोग अभी भी इसका विऱोध कर रहे है। पायल रोहतगी ने तो सफूरा जरगर के बारे में ऐसा कुछ लिखा कि ट्विटर ने 7 दिनों के लिए उनका अकाउंट ही सस्पेंड कर दिया।

सोशल मीडिया में इस तरह की बातें चल रही हैं कि देश में जो लोग एक प्रेग्नेंट हथिनी की मौत पर आंसू बहा रहे थे क्या उन्हें जेल में बंद प्रेग्नेंट सफूरा जरगर का दर्द दिखाई नहीं दे रहा है। पिछले करीब हफ्ते भर से ही सफूरा जरगर को लेकर सोशल मीडिया में तगड़ी बहस छिड़ी हुई है।

क्ट्रेस कुब्रा सैत ने पीएमओ से गुहार लगाते हुए ट्वीट किया था कि सफूरा 5 महीने की प्रेग्नेंट है उसके साथ न्याय करें। कुब्रा के साथ ही फिल्म इंडस्ट्री के कई सेलेब सफूरा की कैद को अन्याय बताते हुए रिहाई की अपील करते दिखे।

ऐसे ही एक ट्वीट पर पायल रोहतगी ने सफूरा जरगर की प्रेग्नेंसी का मजाक उड़ाते हुए बेहद आपत्तिजनक बातें लिखीं। साथ ही पायल ने एक धर्म विशेष के लिए भी अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। पायल के इस ट्वीट पर ट्विटर ने उनका अकाउंट सस्पेंड कर दिया है।

@Shyammeerasingh नाम के एक फेसबुक यूजर ने लिखा- कपिल बैसला जिसने शाहीनबाग में फायरिंग करते हुए कहा था कि हमारे देश में सिर्फ हिंदुओं की चलेगी, उसे मार्च महीने में बेल मिल गई है। किन तर्कों पर मिली है पता है? “कि समाज में उसकी गहरी रुचि है, समाज से जुड़ा हुआ है।

इसके अलावा इसपर एक पत्नी और एक बच्ची के पेट की जिम्मेदारी है।” ये वे तर्क हैं जो कपिल के वकील ने अदालत में दिए जिनके बल पर उसे अदालत से जमानत मिली है।

लेकिन सफूरा नाम की एक गर्भवती औरत अभी भी जेल में है। उसे बेल भी नहीं मिल रही। जिसका अपराध भी सिद्ध नहीं हुआ है। सिर्फ और सिर्फ व्याख्याओं के आधार पर जेल में है।

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Posted by Shyam Meera Singh on Sunday, June 7, 2020

कुछ यूजर्स ने ये लिखते हुए सफूरा जरगर की कैद को सही ठहराया कि भले वह प्रेग्नेंट हैं लेकिन इनोसेंट नहीं है। ऐसे यूजर्स पुराने वीडियोज और तस्वीरों से सफूरा जरगर पर निशाना साध रहे हैं। साथ ही कुछ ऐसे यूजर्स भी हैं जो बेहद आपत्तिजनक बातें भी लिख रहे हैं।

बता दें कि अदालत ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा के संबंध में यूएपीए कानून के तहत गिरफ्तार जामिया समन्वय समिति (जेसीसी) की सदस्य सफूरा जरगर की जमानत अर्जी बृहस्पतिवार(4 जून) को खारिज कर दी थी।

सफूरा की प्रेग्नेंसी पर अदालत ने तिहाड़ जेल के अधीक्षक से उन्हें पर्याप्त चिकित्सकीय मदद और सहायता मुहैया कराने के आदेश दिए हैं।

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