यूपी में बेबस BJP विधायक अपनी बीमार पत्नी को बेड नहीं दिला सके, 3 घंटे आगरा में मेडिकल कॉलेज के फर्श पर पड़ी रही। – आगरा

यूपी में बेबस BJP विधायक अपनी बीमार पत्नी को बेड नहीं दिला सके, 3 घंटे आगरा में मेडिकल कॉलेज के फर्श पर पड़ी रही।

प्रदेश के मुख्यमंत्री भले ही यह कह रहे हैं स्वास्थ्य व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त है लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि भाजपा के विधायक खुद की पत्नी के लिए अस्पताल में बेड की व्यवस्था नहीं करा पाए।

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में भाजपा विधायक अपनी कोरोना संक्रमित पत्नी को अस्पताल में बेड नहीं दिला सके। विधायक ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

उन्होंने इसका एक वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं। पहले केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने भी अधिकारियों की लापरवाही को लेकर सीएम योगी को खत लिखा था।

दरअसल, पूरा मामला फिरोजाबाद से जुड़ा है। जसराना विधायक रामगोपाल उर्फ पप्पू लोधी यहां से विधायक हैं। विधायक 30 अप्रैल को कोरोना संक्रमित हो गए थे। उनके साथ ही उनकी पत्नी संध्या लोधी भी कोरोना संक्रमित हो गई थीं।

पहले तो इनको फिरोजाबाद के ओम हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था। तबियत ज्यादा खराब होने पर पत्नी को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया गया था।

विधायक की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया लेकिन वे घर में क्वारंटीन हैं। विधायक ने रविवार को एक वीडियो जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि पत्नी को अस्पताल में बेड दिलाने के लिए उन्होंने डीएम आगरा को कई बार फोन किया, तब जाकर उन्हें भर्ती किया जा सका।

उनकी पत्नी को अस्पताल में फर्श पर डाल दिया गया था। करीब 3 घंटे तक वह जमीन पर ही लेटी रही थीं। भाजपा विधायक के मूुताबिक एसएन मेडिकल कॉलेज में अच्छी तरह से इलाज नहीं मिल पा रहा है। कहा कि आज भी उनकी स्थिति क्या है उन्हें जानकारी नहीं है।

अफसरों की लापरवाही को लेकर मंत्री संतोष गंगवार ने भी लिखा था पत्र

उत्तर प्रदेश में हाल-बेहाल हैं। ये हम नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी और उनके कैबिनेट मंत्री संतोष गंगवार खुद कह रहे हैं। उन्होंने बकायदा एक पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम लिखे इस पत्र में उन्होंने कई अव्यवस्थाओं को टारगेट किया है।

लिखा है, ‘अफसर फोन नहीं उठाते हैं। व्यापारी अस्पतालों में यूज होने वाले मेडिकल इक्यूपमेंट डेढ़ गुना ज्यादा दाम पर बेच रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों को रेफरल के नाम पर इधर-उधर घुमाया जाता है। उन्हें भर्ती नहीं किया जा रहा है।’

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