पिछले एक माह से अपने क्षेत्र से CRPF कैम्प को हटाने के लिए प्रदर्शन कर रहे आदिवासियों की आवाज मेन स्ट्रीम मीडिया से गायब है। – News

पिछले एक माह से अपने क्षेत्र से CRPF कैम्प को हटाने के लिए प्रदर्शन कर रहे आदिवासियों की आवाज मेन स्ट्रीम मीडिया से गायब है।

नेताओं को छींक आ जाए तो मैन स्ट्रीम मीडिया के सभी चैनल बेचैन हो जाते है लेकिन छत्तीसगढ़ के सिलगेर में पुलिस कैंप के विरोध में जारी ग्रामीणों के प्रदर्शन को मेन स्ट्रीम मीडिया ने जगह नहीं दिया।

इस बीच मंगलवार को दंतेवाड़ा में पुलिस ने एक नक्सली को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया नक्सली अपने साथ 100 से ज्यादा ग्रामीणों को सिलगेर ले जा रहा था। दंतेवाड़ा SP ने दावा किया है कि जनप्रतिनिधियों ने भी नक्सलियों के दबाव में रैली में शामिल होने की बात मानी है।

सिलगेर में 13 मई से ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस दौरन कथित पुलिस फायरिंग में मची भगदड़ में घायल हुई गर्भवती महिला पूनेम सोमली की मौत हो गई है। इससे ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया है। 22 गांवों के हजारों लोग कैंप के सामने डटे हुए हैं और कैंप बंद करने की मांग कर रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक 13 मई को हुई पुलिस फायरिंग में तीन लोगों की पहले ही मौत हो चुकी थी। पुलिस ने इन्हें नक्सली बताया था लेकिन आदिवासियों के मुताबिक ये आम लोग थे। इसलिए हजारों लोग पिछले 17 दिनों से इस इलाके में खुले पुलिस कैंप का विरोध कर रहे हैं।

आदिवासियों को कथित नक्सली बताकर उनकी जमीन पर कब्ज़ा किया जा रहा है ?

 कई लोगो का कहना है कि आदिवासियों की वर्षो से जड़, जंगल बचाने की लड़ाई चली आ रही है सरकार बड़े उद्योगपतियों से मिलकर उनके जंगल छीन रही है जब इसका विरोध हुआ तो उन्हें नक्सली बता दिया जाता और जेल में डाल दिया जाता है।

रायपुर में बैठी सरकार क्या सोचती है। सरकार ने साफ कर दिया है कि नक्सलियों की घेराबंदी के लिए आने वाले समय में और कैंप बनाए जाएंगे। मंत्री चौबे ने सिलगेर को लेकर कहा है कि वहां कौन लोग विरोध कर रहे हैं, यह साफ है।

यह केवल सिलगेर का मामला नहीं है। आने वाले दिनों में हम उसके आगे के रास्ते में 6 और कैंप बनाने जा रहे हैं। उधर सिलगेर के लोग भी साफ कह चुके हैं जब तक कैंप नहीं हटेगा विरोध जारी रहेगा।

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