गोंडा : भरी पंगत में शिक्षक का कॉलर पकड़ किया अपमानित, थानेदार ने कहा यहाँ न्याय नहीं मिलता। – गोंडा

गोंडा : भरी पंगत में शिक्षक का कॉलर पकड़ किया अपमानित, थानेदार ने कहा यहाँ न्याय नहीं मिलता।

सांकेतिक फोटो

उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के लोगो को अपमानित करने और माँ बहिन गाली देने का मौका कोई भी श्रवण नहीं छोड़ता, भरी सभा में अपमानित और न्याय मांगने पर पुलिस द्वारा कार्यवाही न करना अब आम बात हो गई है।

ऐसा ही एक मामला गोंडा जनपद के थाना तरबगंज का है। जहां अनुसूचित जाति के एक शिक्षक को न केवल भरी पंगत में अपमानित नहीं किया गया बल्कि जातिसूचक शब्दों के साथ मां बहन की गाली दी गई और कालर पकड़कर उसे गाँव से बहार करने की धमकी भी दी गई ।

पीड़ित जब तरबगंज थाने पर शिकायत लिखवाने गया तो मुकदमा तो नहीं दर्ज हुआ पर उसे थानेदार ने नसीहत के साथ ज्ञान जरूर दिया कि या तो समझौता कर लो नहीं यह भूल जाओ कि मुकदमा से किसी को न्याय मिलता है।

दरसल सर्वेश कुमार निवासी भानपुर गौहनियां, थाना तरबगंज, गोंडा के रहने वाले है जो धोबी समाज से तालुक रखते है । 20 अप्रैल को रात 9:00 बजे गांव में ब्राह्मण मित्र के यहाँ एक मुंडन समारोह में निमंत्रण खाने गए थे।

वे पंगत में बैठकर खाना खा रहे थे तभी प्रदीप पांडेय और अजीत पांडेय पुत्र राम नेवल पांडेय जो उसी गाँव के रहने वाले वहां आए और सर्वेश कुमार को उसकी जाति को लेकर गली देने लगे, साथ ही माँ बहिन तक की गली भरी पंगत में उसे कथित रूप से अपमानित किया।

जब सर्वेश ने इसका विरोध किया तो दोनों ने सर्वेश का कॉलर पकड़कर केवल अपमानित ही नहीं किया बल्कि से मरने की धमकी दिया। इतने में सभी आस- पास के लोगो ने मामले को शांत कराया।

आखिर क्यों दिया गाली ?

सर्वेश कुमार का कहना है प्रधानी चुनाव में प्रदीप और अजीत प्रधानी के चुनाव में अपने समर्थक के पक्ष में साथ प्रचार करने व जान संपर्क के लिए कहा था। तब सर्वेश ने यह कहकर मना कर दिया था कि वह एक सरकारी अध्यापक इस लिए प्रधानी के चुनाव में इन लोगो के साथ प्रचार करने व इनके प्रत्यासी के समर्थन में नहीं जा सकता।

सर्वेश ने कहा हो सकता हो वे लोग इसी बात से नाराज रहे क्यूंकि इससे पहले कभी उसका किसी से झगड़ा नहीं था और सबसे अच्छा समपर्क था। घटना वाले दिन उसको बोले भी थे, सेल धोबी तेरी मास्टरी तेरे $%^में डाल देंगे, मास्टर की &** नहीं तो अगर साथ चलता तो मेरा प्रत्यासी और वोट पा जाता।

शिकायत करने पर क्या बोले थानेदार

सर्वेश ने जब मामले को लेकर तरबगंज थाने में प्रार्थनापत्र दिया तो FIR लिखने के बजाय थाना इंचार्ज ने उसपर समझौता का दबाव बनाया। आज तक FIR दर्ज नहीं हुयी है।

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