प्रधानमंत्री जी, बेकार पड़े हैं आपके दिए वेंटिलेटर: 2 महीने पहले आई इंजीनियर्स की टीम भी सही नहीं कर सकी। – राजस्थान

प्रधानमंत्री जी, बेकार पड़े हैं आपके दिए वेंटिलेटर: 2 महीने पहले आई इंजीनियर्स की टीम भी सही नहीं कर सकी।

कोरोना संक्रमण की पहली लहर के बाद प्रधानमंत्री राहत कोष से उदयपुर को 90 वेंटिलेटर मिले थे। उम्मीद बंधी थी कि अब हालात बिगड़ने पर इसका उपयोग हो पाएगा। अफसोस, ऐसा नहीं हो पा रहा है।

10 माह बाद भी वेंटिलेटर चालू ही नहीं हो सके हैं। 2 माह पहले इंजीनियर्स की एक टीम भी आई थी। फिर भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। औसतन एक वेंटिलेटर की कीमत 20 लाख रुपए है।

उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर लाखन पोसवाल ने बताया कि बढ़ते मरीजों के बाद केंद्र द्वारा 90 वेंटिलेटर दिए गए थे। लेकिन तकनीकी खामी की वजह से वेंटिलेटर चलते हुए ही बंद हो जाते हैं। जिसकी वजह से इनका उपयोग मरीजों के उपचार में नहीं किया जा सकता।

केंद्र सरकार को कई बार कर चुके हैं शिकायत

आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल लाखन पोसवाल ने बताया कि खराब वेंटिलेटर्स की शिकायत केंद्र से लेकर राज्य सरकार के प्रतिनिधियों तक कई बार कर चुके हैं। लेकिन अब तक इनका इंस्टॉलेशन का काम भी पूरा नहीं हो पाया है।

इसकी वजह से महामारी के इस दौर में भी डॉक्टर मजबूरी में इन वेंटिलेटर का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। डॉक्टर पोसवाल ने बताया कि शुरुआती तौर पर कुछ वेंटिलेटर को इंस्टॉल कर मरीजों का इलाज शुरू किया गया था। लेकिन वेंटिलेटर तकनीकी खामी की वजह से बंद हो गए।

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