बाँदा : जब फ्रंटलाइन वर्कर हैं परेशान तो कैसे होगा समाधान – बाँदा

बाँदा : जब फ्रंटलाइन वर्कर हैं परेशान तो कैसे होगा समाधान

दो बार राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित रिटायर्ड पुलिस कर्मी आज सरकारी तंत्र की व्यवस्थाओं से परेशान है। इसी सरकारी तंत्र की व्यवस्था ने आज उस पुलिस कर्मी का जीवन साथी उससे छीन लिया।

60 वर्ष तक पुलिस में अपनी सेवा देने के बाद भी आज उसका कोई भी पुलिस कर्मी साथ देने को तैयार नहीं है बल्कि उसके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है।रिटायर्ड पुलिसकर्मी ने पूरी जानकारी देते हुए बताया कि मेरी पत्नी कई दिनों से बाँदा जनपद के राजकीय मेडिकल कॉलेज में कोरोना पीड़ित होने की वजह से भर्ती थी। लेकिन यहां के स्टाफ के द्वारा मेरी पत्नी का कोई भी इलाज नहीं किया गया जिसके आभाव से आज उसने दम तोड़ दिया। मेडिकल कॉलेज में सारा खेल पैसों के दम पर चल रहा है।

जिसके पास पैसा है उन्ही का यहां पर सही इलाज हो रहा है। हम जैसे गरीबों की तो कहीं पर भी सुनवाई नहीं होती है। आज सुबह जब मेरी पत्नी की ऑक्सिजन न होने की वजह से हालत गंभीर हुई तो मेरे द्वारा स्टाफ से ऑक्सीजन की मांग की गई लेकिन काफी जद्दोजहद के बाद जब हम ऑक्सिजन मिली तब तक मेरी पत्नी खत्म हो चुकी थी ।

इसके बाद जब मैने मेडिकल कॉलेज में बनी चौकी में जा कर स्टाफ की कमियों के बारे में बताया तो चौकी पर तैनात दरोगा उल्टा मुझपर ही बरस पड़ा और मुझसे बदसलूकी करने लगा । मैं चाहता हूं जिले के पुलिस अधीक्षक इस चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्यवाही करें और मेडिकल कॉलेज में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने का काम करें।

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