छतरपुर : बच्चों के सामने गर्भवती से बलत्कार, 7 दिन बाद न हुआ मेडिकल न हुए दुष्कर्म की FIR वाह रे! शिवराज सरकार – News

छतरपुर : बच्चों के सामने गर्भवती से बलत्कार, 7 दिन बाद न हुआ मेडिकल न हुए दुष्कर्म की FIR वाह रे! शिवराज सरकार

भाजपा का दोमुहा रूप एक बार फिर सामने आया है। एक तरफ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बहन बेटियों महिलाओं के हितेषी होने का दम भरते है जबकि दूसरी तरफ प्रदेश अध्यक्ष के संसदीय क्षेत्र में महिलाओं की हो रही दुर्दशा पर आंख बंद कर रखे है इतना ही जाहिलता की हदे तब पार होती है जब सत्ता के दबाव में पुलिस कार्यवाही तक नहीं करती है।

छतरपुर/ राजनगर थाना क्षेत्र के ग्राम बंदरगढ़ में दलित गर्भवती महिला व उसके मजदूर पति के साथ की गई मारपीट इतने में भी पेट नहीं भरा दबंगो का तो घर में घुसकर गर्भवती दलित महिला का उसके बच्चों के सामने बलात्कार किया।

पीड़ित का किया अपहरण और बनाया दबाव पुलिस ने नहीं की कार्यवाही

दबंगों का कहर दलित महिला पर इस कदर टूटा कि पीड़ित परिवार के मर्द गांव छोड़कर भाग गए वहां दबंगों ने घर की महिलाओं एवं बच्चों को 4 दिन तक बंधक बनाकर रखा दबंगों ने गर्भवती महिला के साथ बलात्कार किया लेकिन पुलिस की FIR में दुष्कर्म की धाराएं गायब है पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं लिय।

मीडिया बयानों में महिला साफ तौर पर कहा रही उसके साथ बलात्कार हुआ बचाने जब उसकी सास आयी तो उनको भी दबंगो ने पीटा है। लेकिन एसडीओपी मनमोहन सिंह बघेल का कहना है कि महिला पाने बयान में रेप का जिक्र नहीं किया है ? जिसके बाद से पुलिस कार्यवाही सवालो के घेरों में है।

जब होश में आई तो मेरे बदन पर कपड़े नहीं थे, डर है पेट में पल रहे बच्चे को कुछ न हो जाए

पीड़ित महिलाओं में से एक 5 महीने की गर्भवती है और उसे चोटें भी आई हैं। उसने आरोपियों पर दुष्कर्म का आरोप भी लगाया है, लेकिन उसका मेडिकल चेक अप तक नहीं कराया गया है। डरा हुआ परिवार अब इस गांव में रहना नहीं चाहता, लेकिन पुलिस सख्त कार्रवाई से बच रही है। महिलाओं ने बताया कि उनके शरीर पर गंभीर चोटें हैं। वो ठीक से बैठ भी नहीं पा रही हैं, लेकिन उनके इलाज की कोई व्यवस्था अब तक नहीं हुई। महिलाओं ने बताया कि उन्हें अब भी धमकियां मिल रही हैं। समझौते के लिए भी उन पर दबाव बनाया जा रहा है।

7 दिन तक नहीं कराया मेडिकल नहीं जोड़ी बलत्कार की धाराएं

घटना 25 मई को पहली बार सामने आई थी। पुलिस को मीडिया ने जानकारी दी थी, तब उसने पीड़ित परिवार को बंधक से छुड़ाया था। आरोपियों के खिलाफ जो मामला दर्ज किया गया, उसमें दुष्कर्म की धाराएं ही नहीं जोड़ी गईं। पीड़ित महिला का कहना है कि उसके बच्चों के सामने ही उसके साथ रेप किया गया। फिर, 7 दिन बाद भी महिला की मेडिकल जांच नहीं कराना भी आश्चर्यजनक है। महिलाओं ने एनबीटी को बताया कि वे अब इस गांव में नहीं रहना चाहते। परिवार के साथ कहीं और चले जाना चाहते हैं।

महिलाओं ने पुलिस को बताया कि दबंगों ने उनके पूरे परिवार के साथ मारपीट की। डर के मारे परिवार के सारे मर्द गांव छोड़कर भाग गए। आरोपियों ने पीड़ित महिला के साथ उसकी सास को उनके ही घर में बंधक बना लिया। महिलाओं के साथ जमकर मारपीट भी की गई। गर्भवती महिला के पूरे शरीर पर चोटों के निशान हैं। उसका कहना है कि आरोपियों ने पेट में भी लात मारी थी। घटना के बाद से उसके पेट में लगातार दर्द है। उसे डर है कि कहीं पेट में पल रहे बच्चे के साथ कुछ अनहोनी ना हो जाए।

राजनैतिक और सामाजिक कार्यकर्ता मैदान में उतरे

पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी व समाज के लोग आगे आय मंगलवार को जहां मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी ग्राम बंदरगढ़ पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की तो वही समाज के लोग एसपी ऑफिस में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए जमकर हंगामा किया, एसपी ऑफिस के सामने खड़े होकर पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद, भाजपा सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए, इस दौरान समाज के लोगों ने डीएसपी महिला प्रकोष्ठ अनुरक्ति सबनानी, सीएसपी लोकेंद्र सिंह डीएसपी सुशांत जैन से न्याय दिलाने की बात कही।

रिपोर्ट : मुरसलीम खान

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