जिले के मैरिज होम और निजी कॉलेजों को बनाया जाएगा अस्थाई अस्पताल – गाजियाबद

जिले के मैरिज होम और निजी कॉलेजों को बनाया जाएगा अस्थाई अस्पताल

जिले के मैरिज होम और निजी कॉलेजों को अस्‍थाई अस्‍पताल बनाया जाएगा। गाजियाबाद प्रशासन ने कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है।

साथ ही, इन अस्‍थाई अस्‍पतालों में बेड, ऑक्‍सीजन सिलेंडर व अन्‍य संशाधन जुटाने के लिए ब्‍लू प्रिंट बनाया जा रहा है. प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार दूसरी लहर में मरीजों को हो रही परेशानियों को ध्‍यान में रखते हुए प्‍लानिंग की जा रही है.

गाजियाबाद प्रशासन ने संभावित कोरोना की तीसरी लहर के ध्‍यान में रखते हुए अतिरिक्‍त बेडों की व्‍यवस्‍था शुरू कर दी है. मौजूदा समय सरकारी और निजी मिलाकर कुल 3000 के करीब बेड है।

लेकिन मरीजों की संख्‍या इससे कहीं अधिक है। इस वजह से मरीजों को अस्‍पतालों में बेड नहीं मिल रहे हैं। मजबूरी में मरीजों का उपचार घरों में हो रहा है।

ऑक्‍सीजन सिलेंडर से लेकर अन्‍य जरूरी उपकरणों का इंतजार परिजन स्‍वयं ही कर रहे हैं। प्रशासन ने भविष्‍य के संकट को देखते हुए योजना बनानी शुरू कर दी है।

योजना के तहत जिले के मैरिज होम और निजी कॉलेजों को प्रशासन अस्‍थाई रूप में अपने कब्‍जे में लेगा। इसमें इस बात कर ध्‍यान रखा जाएगा कि ये मैरिज होम या निजी कॉलेज घनी आबादी के बीच न हों।

यहां तक जाने के लिए रास्‍ता साफ हो, जिससे एंबुलेंस आदि आसानी से चली जाएं। बेड और ऑक्‍सीजन सिलेंडरों की जरूरत के अनुसार व्‍यवस्‍था की जा रही है।

इसके लिए प्रशासन एनजीओ व अन्‍य संस्‍थाओं से बातचीत कर रहा है। वहीं दूसरी ओर स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा जिला और संयुक्‍त अस्‍पताल में ऑक्‍सीजन प्‍लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू भी चल रही है।

Vairochan Media (Opc) Private Limited

Subscribe To Our Newsletter

[mc4wp_form id="319"]