विरोधियों को बदनाम करने के लिए RSS कार्यकर्ता अपने ही कार्यालय पर फेंका बम हुआ गिरफ्तार खुला गया राज

विरोधियों को बदनाम करने के लिए RSS कार्यकर्ता अपने ही कार्यालय पर फेंका बम हुआ गिरफ्तार खुला गया राज

The Netizen News

ग़ैर भाजपाई राज्यों में आरएसएस कार्यकर्ताओं पर हमले की ख़बरें अक्सर सुर्खियां बटोरती हैं। इन हमलों को लेकर विरोधियों को घेरने की सियासत भी ज़ोरदार होती है।

लेकिन ये हमले करता कौन है, इसका जवाब शायद केरल के कन्नूर से सामने आई एक ख़बर से मिल सकता है।

दरअसल, कन्नूर के काठिरुर स्थित आरएसएस कार्यालय पर बम फेंकने के आरोप में आरएसएस के ही एक कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया गया है।

बताया जा रहा है कि प्रवेश नाम के संघ कार्यकर्ता ने 16 जनवरी को आरएसएस कार्यालय काठिरुर मनोज स्मृति केंद्रम के सामने पुलिस पिकेट की ओर स्टील बम फेंका था।

घटना को अंजाम देने के बाद वह फरार हो गया था। जिसे मंगलवार को तमिलनाडु के कोयंबटूर से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के मुताबिक, प्रबेश ने संघ कार्यालय पर हमला इसलिए किया ताकि वह विरोधियों को बदनाम कर सके।

काठिरुर थाने के सब-इंस्पेक्टर निजेश ने इंडिया टुडे को बताया, “प्रवेश ने 16 जनवरी की सुबह के दौरान बम फेंके। गिरफ्तारी के बाद उसने कबूल किया कि उसका निशाना आरएसएस कार्यालय था।

कन्नूर राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र है और ऐसे में किसी भी राजनीतिक पार्टी कार्यालयों पर हमले को विरोधी द्वारा किया हुआ काम माना जाएगा।”

निजेश ने बताया कि घटना को अंजाम देने वाले प्रवेश की पहचान सीसीटीवी फुटेज से की गई। उन्होंन बताया कि हमले के बाद प्रबेश कोयंबटूर चला गया और वहां छिप गया था।

हमारी टीम ने उसे कोयंबटूर से ढूंढकर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी प्रवेश के खिलाफ कई आपराधिक मामले लंबित थे, जिनमें विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1883 के तहत दर्ज मामला भी शामिल है।

बता दें कि जिस संघ कार्यालय पर प्रवेश ने हमला किया उसका नाम काठिरूर के एक वरिष्ठ संघ कार्यकर्ता मनोज के नाम पर रखा गया है।

मनोज 1999 में हुए वरिष्ठ माकपा नेता पी जयराजन की हत्या के प्रयास में मुख्य आरोपी था। हत्यारोपी मनोज को 2014 में कथित तौर पर सीपीआई (एम) के कार्यकर्ताओं ने मार डाला था।


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