राजस्थान: लॉकडाउन के चलते स्कूल में ठहराई गयी महिला के साथ रेप, तीन आरोपी गिरफ्तार।

राजस्थान: लॉकडाउन के चलते स्कूल में ठहराई गयी महिला के साथ रेप, तीन आरोपी गिरफ्तार।

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जयपुर : राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में लॉकडाउन की वजह से रुकी एक महिला (40) से सरकारी स्कूल परिसर में कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म का एक मामला सामने आया है।

पुलिस ने शनिवार को बताया कि इस मामले में सभी तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़िता ने अपने बयान में कहा है कि वह लॉकडाउन के कारण एक महीने से सवाई माधोपुर में फंसी हुई थी।

उसने जयपुर वापस पैदल जाने का फैसला किया। गुरुवार रात वह बटोड़ पुलिस थाने में एक सरकारी स्कूल परिसर में रुकी जहां तीन लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

पुलिस उपाधीक्षक पार्थ शर्मा ने बताया कि महिला ने शुक्रवार को शिकायत दर्ज करवाई जिसके आधार पर तीन आरोपियों, कमल खारवाल, लखन रायगर और ऋषिकेश मीणा को गिरफ्तार कर लिया गया है वहीं एक हेड कांस्टेबल लाल चंद को निलंबित कर दिया गया है।

इसके साथ ही महिला का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और जिसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। महिला का मेडिकल करवाकर बयान दर्ज किया गया है। महिला जयपुर में किराए के मकान में रहती है।

महिला ने सवाई माधोपुर पुलिस को दिए अपने बयान में कहा कि वह दौसा जेल में अपने बेटे से मिलने गई थी, जो 2015 में जयपुर में एक गैंगरेप और POCSO मामले में आरोपी है।

पुलिस को बताया लॉकडाउन के कारण वह सवाई माधोपुर में एक महीने से अधिक समय से अटकी हुई है जबकि महिला भी गैंगरेप-POCSO मामले में भी आरोपी थी, लेकिन उसे मार्च 2019 में बरी कर दिया गया था।

सवाई माधोपुर के एसपी सुधीर चौधरी ने बताया, “महिला के बेटे को कोरोना वायरस के कारण जयपुर की जेल से दौसा स्थानांतरित कर दिया गया था. महिला पिछले एक महीने से जिले में घूम रही थी. वहीं 23 अप्रैल को जब वह गांव में पहुंची तो उसके बारे में बीट कांस्टेबल ने हेड कांस्टेबल को सूचित किया.

एसपी ने कहा कि लगभग 40 लोगों की मौजूदगी में हेड कॉन्स्टेबल ने यह निर्णय लिया कि महिला को दो सरकारी शिक्षकों और ग्रामीणों के स्थानीय स्कूल में रुकने की व्यवस्था की जाए।

लेकिन स्कूल के शिक्षक रात होते ही घर को निकल गए जिसके बाद तीन पुरुषों ने महिला के साथ बलात्कार किया।

अधिकारी ने कहा कि इस मामले में हेड कांस्टेबल को लापरवाही करने के चलते निलंबित कर दिया गया है क्योंकि प्रथम दृष्टया उसे बहुत सोझ बूझ के साथ निर्णय लेना चाहिए था… या तो एक महिला कांस्टेबल या (स्थानीय) महिला को उसके साथ रहने के लिए व्यवस्था की जानी चाहिए थी. चौधरी ने स्कूल के शिक्षकों पर भी मामले को लापरवाही से लेने का आरोप लगाया.


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