धड़ल्ले से बनाए जा रहे फर्जी मास्क मीडिया चैनल ने किया खुलासा।

धड़ल्ले से बनाए जा रहे फर्जी मास्क मीडिया चैनल ने किया खुलासा।

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Covid-19 या कोरोना वायरस संक्रमण दूर रखने के लिए हर कोई चेहरे पर मास्क की सुरक्षा चाहता है। ऐसे में देश की राजधानी दिल्ली और आसपास रातों-रात घटिया सर्जिकल मास्क का अंडरग्राउंड बाजार काम करने लगा है।

ये खुलासा इंडिया टुडे की स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (SIT) की जांच से हुआ है। जांच से सामने आया कि मास्क की ये सप्लाई जहां से आती है, वहां न तो साफ-सफाई और न ही सुरक्षा जैसे किन्हीं मानकों का पालन किया जाता है। यानि ऐसे मास्क को पहनना खुद में ही संक्रमण को न्योता देना है।

दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी दे चुके हैं कि Covid-19 का फैलाव संक्रमित व्यक्ति की सांस के साथ आने वाली ड्रॉपलेट्स से पैलता है। साथ ही वायरस वाली सतहों और चीज़ों को छूने से भी ये संक्रमण फैलता है।

थैलियां बन गईं मास्क

टोटियों की पैकिंग के लिए थैलियां बनाया करता था लेकिन अब मास्क की भारी डिमांड को देखते हुए उसी पैकिंग मैटीरियल से मास्क बनाने लगा। उसने इनके उत्पादन का काम पड़ोस में रहने वाले लोगों को ही आउटसोर्स कर रखा है।

टीवी रिपोर्टर खरीददार बनकर गया फर्जी मास्क विक्रेता ने कहा बड़ी संख्या (बल्क) में नहीं लेना है तो मैं इसे 8 रुपए से नीचे में नहीं बेचूंगा। अमूमन मैं 20,000-30,000 का आर्डर होने पर 10 रुपए प्रति पीस लेता हूं। .मैंने जीटीबी (अस्पताल) को इसे 10 रुपए/पीस के हिसाब से सप्लाई करता हूं।

इतना ही नहीं इस धंधे बड़े -बड़े लोग शामिल है जो स्वस्थ्य सेवाओं के साथ बड़ा रैकेट चला रखे है। दिल्ली के पास ही नोएडा में खस्ताहाल इमारत में ऐसी कई कंपनियां केवल मास्क ही नहीं यहां फर्जी सर्जिकल मास्क भी बना रहे है।

नोएडा के सेक्टर 6 स्थित इस फैक्ट्री में न तो मास्क सिलने वालों के हाथों में ग्लव्स दिखे। न ही यहां कोई स्टरलाइजेशन या साफ-सफाई का ध्यान रखा गया था।


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