चीन में भारतीय राजदूत का साक्षात्कार को लेकर प्रसार भारती ने पीटीआई को ‘देशद्रोही’ कहा? – News

चीन में भारतीय राजदूत का साक्षात्कार को लेकर प्रसार भारती ने पीटीआई को ‘देशद्रोही’ कहा?

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नई दिल्ली: चीन में भारतीय राजदूत का साक्षात्कार करने के बाद उनके बयान को चलाने पर सरकारी प्रसारणकर्ता प्रसार भारती ने समाचार एजेंसी पीटीआई को ‘देशद्रोही’ कहा है और उसके साथ सभी संबंध तोड़ने की धमकी दी है।

पीटीआई ने चीन में भारतीय राजदूत विक्रम मिस्री के हवाले से कहा था, ‘चीनी सेनाओं को लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के अपनी तरफ वापस जाने की जरूरत है.’

सार्वजनिक प्रसारणकर्ता ‘प्रसार भारती’ (Prasar Bharati) ने न्यूज एजेंसी ‘प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया’ (Press Trust of India) को धमकी दी है कि वह उसकी सेवाएं लेनी बंद कर सकती है। प्रसार भारती के अनुसार, ‘पीटीआई’ राष्ट्रीय हितों के अनुरूप काम नहीं कर रही है।

बता दें कि भारत और चीन के बीच चल रहे तनाव के सिलसिले में पिछले दिनों ‘पीटीआई’ ने भारत में चीन के राजदूत सुन वेडोंग और चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिस्री का इंटरव्यू किया था।

वेडोंग के साथ इंटरव्यू के सिर्फ तीन सवाल और उनके जवाब को भारत में चीनी दूतावास की वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है। अपने इंटरव्यू में सुन ने सीमा पर तनाव के लिए भारत पर आरोप लगाए थे। इंटरव्यू में चीनी राजदूत से सवाल पूछा गया था कि क्य अब तनाव खत्म हो जाएगा तो सुन ने कहा था कि यह दायित्व भारत का है न कि चीन का।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन इंटरव्यू के बाद पीटीआई की ओर से इसे लेकर एक ट्वीट भी किया गया था। इस ट्वीट में मिस्री को यह कहते हुए प्रस्‍तुत किया गया कि भारत को भरोसा है कि चीन अपनी जिम्‍मेदारी को समझेगा और दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को खत्‍म करने के लिए वह वास्‍तविक नियंत्रण रेखा के अपने वाले हिस्‍से पर पीछे हटेगा।

राजदूत के इस बयान को सरकार, खासतौर से प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान के खिलाफ माना गया, जिसमें प्रधानमंत्री ने साफ तौर पर कहा था कि भारत की सीमा में न तो कोई घुसपैठ हुई है और न ही हमारी किसी जमीन पर कोई कब्‍जा किया गया है।

इस इंटरव्यू और ट्वीट के बाद ‘दूरदर्शन’ और ‘आकाशवाणी’ जैसे सरकारी माध्‍यमों की संचालनकर्ता संस्‍था ‘प्रसार भारती’ ने पीटीआई को देशद्रोही बताते हुए चेतावनी दी है कि वह इस समाचार एजेंसी की सेवाओं पर पुनर्विचार करेगी।

सरकार पहले ही भारत में चीनी राजदूत का साक्षात्कार करने को लेकर पीटीआई से नाराज है और उसके खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी में है।

शनिवार को प्रसार भारती के अधिकारियों ने पत्रकारों से कहा कि सार्वजनिक प्रसारणकर्ता अपनी अगली बोर्ड बैठक से पहले पीटीआई को एक सख्त पत्र भेज रहा है जिसमें पीटीआई द्वारा राष्ट्र विरोधी रिपोर्टिंग पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई है।


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