PoK में पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने की फायरिंग, 2 की मौत, 100 घायल – विश्व

PoK में पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने की फायरिंग, 2 की मौत, 100 घायल

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पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को लेकर पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तानी सेना को शर्मिंदा होना पड़ा है। भारत की ‘तोप स्ट्राइक’ के सबूत दिखाने के लिए इमरान सरकार विदेशी राजनयिकों को लेकर पीओके गई थी, लेकिन इसी दौरान मुजफ्फराबाद में स्थानीय लोगों ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया।

ये लोग पीओके पर पाकिस्तान के अवैध कब्ज़े का विरोध कर रहे थे। इस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को दबाने के लिये पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी और फायरिंग की जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

मंगलवार (22 अक्टूबर) को पीओके की कई राजनीतिक पार्टियों ने आल इंडिपेंडेंट पार्टिस एलायंस (AIPA) के बैनर तले यहां आजादी मार्च का आयोजन किया था। आपको बता दें कि साल 1947 में 22 अक्टूबर के दिन ही पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर पर हमला किया था।

इस दिन को पीओके और गिलगिट बाल्टिस्तान के लोगों “ब्लैक डे” के रूप में मानते है। क्योंकि ये लोग हमेशा से पाकिस्तान से इस इलाके को छोड़ने की मांग करते रहे हैं।

इस इलाके में पुलिस ने इन लोगों को सरकार विरोधी प्रदर्शन करने के लिए पाबंदी लगा राखी है। इसी से बौखलाकर पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया।

‘अवैध कब्ज़े’ वाले कश्मीर को आज़ाद कराने का वक्त आ गया?
भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने भी 06 अगस्त को संसद में कहा था, ‘सदन में जब-जब मैं जम्मू एंड कश्मीर राज्य बोला हूं। तब-तब PoK और अक्साई चिन इसका हिस्सा है।


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