सीबीआई ने कहा- ज्यादातर चीजें मुंबई में ही हुईं, ये बिहार पुलिस की जांच का अधिकार क्षेत्र नहीं, हमें और ईडी को जांच करने दी जाए। – बिहार

सीबीआई ने कहा- ज्यादातर चीजें मुंबई में ही हुईं, ये बिहार पुलिस की जांच का अधिकार क्षेत्र नहीं, हमें और ईडी को जांच करने दी जाए।

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सुशांत सिंह राजपूत केस में उनकी गर्लफ्रेंड रहीं रिया चक्रवर्ती की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट को फैसला सुनाना है। रिया में पटना में दायर एफआईआर को मुंबई ट्रांसफर करने की बात कही है।

सीबीआई ने कहा कि इस मामले से जुड़ी ज्यादातर चीजें मुंबई में ही हुई हैं, ऐसे में यह बिहार पुलिस की जांच क्षेत्र में नहीं आता है। हमें और ईडी को जांच करने दी जाए।

इससे पहले बिहार पुलिस ने कहा कि हमारे एसपी विनय तिवारी मामले की जांच के सिलसिले में 2 अगस्त को मुंबई पहुंचे थे, लेकिन उन्हें क्वारैंटाइन के नाम पर हिरासत में ले लिया गया।

बिहार पुलिस यह भी आरोप लगाया कि मुंबई पुलिस ने 4 सदस्यीय बिहार एसआईटी को किसी भी तरह की जांच करने की अनुमति नहीं दी। पटना में सुशांत के पिता केके सिंह ने रिया पर एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि एक्ट्रेस ने सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाया था।

अधिकार क्षेत्र के आधार पर जांच से नहीं रोका जा सकता- बिहार पुलिस

बिहार पुलिस ने कहा कि विनय तिवारी को क्वारैंटाइन से बाहर निकालने के लिए बिहार आईजी को मुंबई के अफसरों से अपील करनी पड़ी थी।

बिहार पुलिस ने यह भी कहा कि किसी भी अफसर के लिए जरूरी होता है कि वह पहले एफआईआर दर्ज करे और फिर जांच करे। इसके बाद रिपोर्ट कोर्ट को फॉरवर्ड करे। धारा 156(2) में साफतौर पर कहा गया है कि किसी पुलिस अफसर को महज इस आधार पर जांच से नहीं रोका जा सकता कि वह उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।

बिहार सरकार और रिया की तरफ से क्या कहा गया

बिहार सरकार ने कहा- सीबीआई जांच में किसी भी तरह का अड़ंगा नहीं लगाने दिया जाएगा। मामले की गहराई से जांच होगी।रिया ने अपने जवाब में कहा कि सुशांत केस को सीबीआई को सौंपने का फैसला बिहार पुलिस की अनुशंसा पर पर लिया गया है। ऐसा करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।

मुंबई पुलिस की जांच गलत दिशा में: सुशांत के पिता के वकील

इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने वकील अजय अग्रवाल की याचिका पर सुनवाई 21 अगस्त तक टाल दी। याचिका में सुशांत केस को सीबीआई को सौंपने को लेकर सवाल उठाए थे। व

हीं, सुशांत के पिता के वकील विकास सिंह ने कहा कि मुंबई पुलिस बहुत ही प्रोफेशनल फोर्स है। इस केस की बात करें तो कुछ कारणों की वजह से वह पूरी तरह से गलत दिशा में चली गई। शीर्ष कोर्ट को मुंबई पुलिस को निर्देश देना चाहिए, ताकि वे सीबीआई की मदद करें।

उज्ज्वल निकम ने क्या कहा?

मुंबई के वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट रिया की याचिका पर पटना में दर्ज केस को मुंबई ट्रांसफर करने का आदेश देता है तो तकनीकी तौर पर सीबीआई जांच रद्द मानी जाएगी।

कोर्ट में फैसला फिलहाल सुरक्षित

इससे पहले 11 अगस्त को सुनवाई हुई थी। तब कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। आज इस केस से जुड़े सभी पक्षों यानी रिया, सुशांत के परिवार, बिहार और महाराष्ट्र पुलिस से लिखित जवाब देने को कहा गया था। कोर्ट में आज ही रिया की उस याचिका पर भी सुनवाई होनी है, जिसमें उन्होंने इस मामले में मीडिया ट्रायल रोकने की मांग की है।

सुशांत की बहन ने की सीबीआई जांच की वकालत

सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने इंस्टाग्राम पर अपना एक फोटो पोस्ट किया है, जिसमें वे हाथ में व्हाइट बोर्ड लिए नजर आईं। इस पर लिखा था- मैं सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह राजपूत हूं और मैं सीबीआई जांच की मांग करती हूं।

श्वेता ने इस फोटो के साथ लिखा- यह ऐसा समय है जब हमें सच्चाई का पता लगाकर न्याय पाना है। सच सामने लाने में हमारी और हमारे परिवार की मदद करें, वरना हम कभी शांति से जी नहीं सकेंगे। अपनी आवाज उठाएं और सुशांत के लिए सीबीआई जांच की मांग करें।

सुनवाई के दौरान रिया की दलील
मंगलवार को रिया ने कोर्ट में दलील दी कि सुशांत के पिता की एफआईआर का पटना में किसी अपराध से कोई कनेक्शन नहीं है। मामला एकतरफा है। राज्य इसमें भारी दखल दे रहा है। वहीं, बिहार पुलिस ने कहा कि मुंबई पुलिस राजनीतिक दबाव में तथ्यों को छिपा रही है।

सुशांत के पिता ने मुंबई पुलिस की जांच पर उठाए सवाल
मंगलवार को सुशांत के पिता की तरफ से वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने जस्टिस हृषिकेश रॉय के सामने दलील दी थी कि परिवार को मुंबई पुलिस की जांच पर कोई भरोसा नहीं है। मुंबई पुलिस को रिया की भूमिका पर पहले ही जांच करनी चाहिए थी, लेकिन वह कुछ और ही कर रही थी। सुशांत के परिवार ने उसकी बॉडी को फांसी के फंदे से लटकते हुए नहीं देखा था और इससे शक पैदा होता है।

इसलिए पटना में केस दर्ज करने का अधिकार
सिंह ने दलील देते हुए यह भी कहा कि सुशांत के शोषण और धोखाधड़ी का खुलासा पटना में ही हुआ, इसलिए पटना पुलिस के पास सीआरपीसी की धारा 179 के तहत एफआईआर दर्ज करने का अधिकार है। उधर, महाराष्ट्र सरकार के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि बिहार सरकार इस मामले में राज्य चुनाव से पहले केवल राजनीतिक लाभ लेना चाहती है।


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