करोडो मज़दूर सड़को पर भूखे, प्यासे, फंसे, सरकार उनके लिए बंदोबस्त करे, ऐसे उन्हें मिल सकती है उन्हें मदद.

करोडो मज़दूर सड़को पर भूखे, प्यासे, फंसे, सरकार उनके लिए बंदोबस्त करे, ऐसे उन्हें मिल सकती है उन्हें मदद.

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करोना वायरस की महामारी के चलते देश को पूरी तरह 21 दिन के लिए लॉकडाउन कर दिया गया है। वहीं दिल्ली, मुंबई, गुजरात, अहमदाबाद, सहित सभी बड़े शेरो में यूपी-बिहार से आये मज़दूरों का जीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है।

इन बड़े शहरो में दिहाड़ी मजदूरी करने वाले लोगो में काफी डर है। लोगो का कहना है उन्हें काम मिल नहीं रहा है जिसके चलते उनके पास पैसा नहीं है और न हीं पर्याप्त रूप में खाने-पीने की सामग्री उपलब्ध है। लोग भी अब उन्हें काम नहीं दे रहे है।

कुछ मजदूरों का कहना है कि अगर ऐसा ही रहा तो कोरोना से नहीं भूख से ही मर जाएंगे। वही कुछ ऐसी तस्वीरें भी सोशल मीडिया और मीडिया में सामने आई है जिनमे दिख रहा है लोग शहरों से पैदल अपने गांव की तरफ रुख कर चुके हैं।

कुछ लोग 100- 200 किलोमीटर की दूरी तय करके अपने गांव पहुंच चुके है। वंही अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए केंद्र सरकार से कहा सरकार अब समीक्षा में बैठकों और चर्चा में समय न बर्बाद करे। करोड़ों, गरीब मजदूर वर्ग के लोग सड़कों पर भूखे प्यासे बिना महामारी सुरक्षा संसाधनों के भटक रहे हैं। उनके लिए खाने-पीने एवं कोरोना वायरस जांच के इंतजाम किये जाना चाहिए।

कैसे हो सकती है इन लोगो की मदद

  • सरकार को किसी तरह इन लोगो से संपर्क करना चाहिए
  • लोग घबराये हुए है इन्हे विश्वास दिलाये की सरकार इनके साथ है।
  • ऐसे लोगो का कोरोना जाँच करना चाहिए।
  • जाँच में सामान्य व्यक्तिओं को उनके रुट के अनुसार अलग करना चाहिए।
  • कोरोना महामारी बचाव के उपकरण प्रधान करना चाहिए।
  • सेनिटीज करे हुए संसाधन से उन्हें उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचना चाहिए।
  • इन लोगो के साथ एक डॉक्टर की टीम भी भेजी जा सकती है जो इन्हे निर्देशित करे।

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