मध्यप्रदेश: दलित दूल्हे को मंदिर में प्रवेश करने से रोका, SDM से ली थी अनुमति

मध्यप्रदेश: दलित दूल्हे को मंदिर में प्रवेश करने से रोका, SDM से ली थी अनुमति

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देश में आज भी ऊंच-नीच और जातिवाद अपने चरम स्तर पर है। भले ही आज भारत इक्कीसवीं सदी में क्यों ना आ गया हो। आज भी देश के अनेक हिस्सों से इस प्रकार की खबरें सामने आती रहती है कि दलित दूल्हे को घोड़ी पर नहीं चढ़ने दिया या दलितों को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया।

मामला मध्यप्रदेश के बुरहानपुर के बिरोड़ा गांव का है। यहाँ कथित तौर पर एक दलित दूल्हे को मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया गया।

उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) काशीराम बडोले ने पुष्टि की कि इस मामले के बारे में शिकायत प्राप्त हुई है और कहा कि जो भी इस मामले में दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

बडोले ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा कि कलेक्टर द्वारा शिकायत मिली थी कि बदमाशों ने दलित परिवार को मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी है। जिसके बाद कलेक्टर ने पुलिस अधिकारियों को दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

दूल्हे ने कलेक्टर से ली थी अनुमति

वहीं, दूल्हे संदीप गावले से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने कहा कि मंदिर में शादी करने के लिए कलेक्टर ने उन्हें पूर्व स्वीकृति दी थी, लेकिन जब शादी होने वाली थी तो बदमाशों ने गुरुवार को मंदिर का दरवाजा बंद कर दिया।

गावले ने कहा कि गांव के बदमाशों ने हमें मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी है क्योंकि हम दलित हैं। हमने शादी की व्यवस्था के लिए कलेक्टर से भी पूर्व अनुमति ली थी, लेकिन फिर भी ऐसा हुआ।

दलित परिवार को सुरक्षा दी जाएगी : एसएचओ

गावले ने आरोप लगाया कि मंदिर के ट्रस्टियों के आदेश पर मंदिर के द्वार बंद कर दिए गए थे। इस बीच, लालबाग पुलिस स्टेशन के एसएचओ बिक्रम सिंह बोमनिया ने कहा कि दलित परिवार को सुरक्षा दी जाएगी।


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