भीमा कोरेगांव का इतिहास पाठ्यपुस्तक में शामिल करो, रामदास आठवले की मांग। – महाराष्ट्र

भीमा कोरेगांव का इतिहास पाठ्यपुस्तक में शामिल करो, रामदास आठवले की मांग।

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भीमा कोरेगांव की लड़ाई का इतिहास स्कूली पाठ्य पुस्तकों में शामिल किया जाना चाहिए। यह मांग करते हुए केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि वे महाराष्ट्र की स्कूली शिक्षा मंत्री से इस बाबत बात करेंगे और उन्हें पत्र भी लिखेंगे।

उन्होंने कहा कि स्कूलों में यह इतिहास पढ़ाया जाना चाहिए ताकि छात्रों को इसकी जानकारी हो। आठवले ने कोरेगांव भीमा जाकर विजय स्तंभ का अभिवादन किया।

दलित- सवर्ण विवाद खत्म होना चाहिए

पुणे में पत्रकारों से बात करते हुए रामदास आठवले ने कहा कि देश में सामाजिक समरसता होनी बहुत जरूरी है। साथ ही दलित-सवर्ण विवाद का भी खत्म होना बहुत जरूरी है। तभी सही मायने में दलितों पर होने वाले अत्याचार को रोका जा सकेगा।

गांव- गांव में एकता होनी चाहिए। सवर्ण-दलित विवाद अगर खत्म हो गया तो देश बहुत तेजी से विकास करेगा। उन्होंने कहा कि दलितों को न्याय देने के लिए मोदी सरकार प्रतिबद्ध है।

नए साल में पार्टी को मजबूत करेंगे।

आठवले ने नए साल में नया संकल्प लेते हुए कहा कि वे इस वर्ष पार्टी को और भी ज्यादा मजबूत बनाने का काम करेंगे। पूरे देश में पार्टी का विस्तार हो इसके लिए वे ‘मी रिपब्लिकन’ का नारा लेकर पार्टी का विस्तार करेंगे।

आठवले ने बहुजन वंचित आघाडी के मुखिया प्रकाश आंबेडकर को जवाब देते हुए कहा है की मैं जानता हूं कि राज्य सरकार के पास कोरोना महामारी से निपटने का कोई ठोस प्लान नहीं है।

लेकिन केंद्र सरकार के पास देश की टूटती अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का प्लान मौजूद है और उस पर काम किया जा रहा है। आपको बता दें कि प्रकाश आंबेडकर ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि राज्य सरकार कोरोना से निपटने में पूरी तरह से असफल साबित हुई है।

प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि एल्गार परिषद के मुद्दे पर आयोजित ही बात करेंगे। भीमा कोरेगांव दंगल पर फिलहाल बोलना ठीक नहीं होगा।


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