जेएनयू फीस का मुद्दा खत्म, अब आंदोलन गैरजरूरी : निशंक

जेएनयू फीस का मुद्दा खत्म, अब आंदोलन गैरजरूरी : निशंक

HRD Minister Ramesh Pokhriyal Nishank

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पिछले साल अक्टूबर में, जेएनयू प्रशासन ने 19 साल के लिए संशोधित किए गए औचित्य को देखते हुए, शुल्क बढ़ाने का फैसला किया था। नए छात्रावास शुल्क के तहत, छात्रों को प्रति माह 1,700 रुपये का सेवा शुल्क देना था।

एकल कमरे का किराया 20 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 600 रुपये प्रति माह कर दिया गया और डबल शेयरिंग रूम के लिए 10 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 300 रुपये प्रति माह कर दिया गया।

जेएनयूएसयू ने विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्टों का हवाला दिया है कि जेएनयू के 40 प्रतिशत से अधिक छात्र कम आय वाले समूहों से आते हैं और वे किराया नहीं दे पाएंगे।

इन्ही सब मुद्दों को लेकर जेएनयू में 70 दिन से भी अधिक हो गया छात्र प्रदर्शन कर रहे है। जिसके बाद 5 जनवरी को जो हिंसा हुयी उसमे यह प्रदर्शन और हाई लाइट हो गया है।

जेनयू हिंसा घटना के निंदा देश दुनिया में होने के बाद अब मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सोमवार को कहा कि हॉस्टल फीस बढ़ोतरी के घसीटू मुद्दा सुलझा लिया गया है। और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रदर्शनकारी छात्रों को अपना आंदोलन बंद करने को कहा है।

केंद्रीय मंत्री का कहना है कि जेएनयू के फीस संबंधित मामले को संस्थान के विद्यार्थियों और शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की चर्चाओं के बाद सुलझा लिया गया है।

पोखरियाल ने कहा कि एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। इस समिति के सदस्यों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पूर्व अध्यक्ष वी.एस.चौहान, एआईसीटीई के अध्यक्ष अनिल सहस्रबुद्धे और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव रजनीश जैन शामिल हैं।

इस समिति ने जेएनयू में सामान्य कामकाज को बहाल करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को सभी हितधारकों के साथ बातचीत कर समाधान निकालने की सलाह दी थी।

मंत्री के मुताबिक, उच्चाधिकार समिति की सिफारिशों और विद्यार्थियों व जेएनयू प्रशासन के प्रतिनिधियों के साथ मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव की 10 और 11 दिसंबर को हुई बैठक के आधार पर सहमति बनी थी कि विद्यार्थियों से विंटर सीजन में रजिस्ट्रेशन के लिए कोई यूटिलिटी और सर्विस चार्ज नहीं लिया जाएगा।

हालांकि, बदले हुए हॉस्टल रूम चार्ज लागू होगा लेकिन इसमें बीपीएल के विद्यार्थियों को 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। निशंक ने कहा कि जेएनयू प्रशासन ने बैठक में बनी सहमति के आधार पर लिए गए फैसलों के बारे में विद्यार्थियों को सूचित कर दिया गया है।

मंत्रालय ने आगे अपील की कि उच्च शिक्षा के संस्थानों को राजनीतिक क्षेत्र में परिवर्तित नहीं किया जाना चाहिए। बयान में आगे कहा गया है कि नए सेमेस्टर के लिए लगभग 5,000 छात्र पहले ही पंजीकरण करा चुके हैं। मोटे तौर पर 7,500 छात्र जेएनयू में पढ़ रहे हैं।

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