AGR मामला: SC ने टेलीकॉम कंपनियों और सरकार को लगाई फटकार, कहा- देश में कोई कानून नहीं बच – भारत

AGR मामला: SC ने टेलीकॉम कंपनियों और सरकार को लगाई फटकार, कहा- देश में कोई कानून नहीं बच

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एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों और दूरसंचार विभाग के रवैए पर नाराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद ज्यादातर कंपनियों ने बकाया रकम जमा नहीं करवाई।

कोर्ट ने कंपनियों से पूछा है कि क्यों ना आपके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए। साथ ही 17 मार्च तक बकाया जमा करने का आदेश भी दिया है। टेलीकॉम कंपनियों पर एजीआर के 1.4 लाख करोड़ रुपए बकाया हैं। सिर्फ रिलायंस जियो ने बकाया राशि का भुगतान किया है।

टेलीकॉम कंपनियों के खिलाफ ऐक्शन न लेने पर नोटिस जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी आवेदन खारिज कर दिए हैं। कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक टेलीकॉम कंपनियों द्वारा पैसे की वसूली न किए जाने की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने यह कदम उठाया है।

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मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने के कारण डेस्क अधिकारियों को समन जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कंपनियों और डेस्क ऑफीसर्स के खिलाफ अवमानना के लिए ऐक्शन लिया जाएगा।

कोर्ट की अवमानना के मामले में कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर को समन जारी किया गया है. मामले की सुनवाई 17 मार्च को होगी। उस दिन कंपनियों के एमडी को कोर्ट के सामने उपस्थित होना होगा।

बता दें कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को टेलीकॉम कंपनियों से एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) के विवाद से संबंधित 92000 करोड़ रुपए वसूलने की इजाजत दे दी थी।

इसके तहत कंपनियों को जुर्माने के साथ साथ ब्याज भी चुकाना पड़ेगा। अदालत ने गुरुवार को फैसला देते हुए दूरसंचार विभाग द्वारा तय एजीआर की परिभाषा को बरकरार रखा था।

. एजीआर वसूले जाने से राहत दिए जाने को लेकर टेलीकॉम कंपनियों ने अदालत में अपील की थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था।

साथ ही यह भी कहा था कि इस मामले में अब और मुकदमेबाजी नहीं होगी। बकाया भुगतान की गणना के लिए समय अवधि तय की जाएगी।


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