छतरपुर: कैंसर से जूझ रहे बेटे की मौत की खबर सुनकर मां ने की आत्महत्या

छतरपुर: कैंसर से जूझ रहे बेटे की मौत की खबर सुनकर मां ने की आत्महत्या

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छतरपुर : नौगांव में बुधवार को उस वक्त समूचा माहौल गमगीन हो गया और लोगों की आंखें भर आईं, जिस वक्त मां और बेटे की अर्थी एक साथ उठाई गई।

कैंसर की बीमारी से जूझ रहे बेटे की मौत होने की खबर लगते ही मां ने सल्फास खा ली जिससे उसकी भी मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना को जिसने भी सुना वह स्तब्ध रह गया।

सुनने में भले ही यह फिल्मों जैसी कहानी लग रही है लेकिन यह कहानी हकीकत से ओतप्रोत है। मूलरूप से उत्तरप्रदेश के ग्राम जटेवरा के रहने वाले कमलकिशोर नायक वर्तमान में नौगांव के वार्ड नंबर 6 टंकी के पीछे रह रहे थे।

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करीब 6 माह पहले पेट में दर्द होने के कारण उन्होंने जांच कराई तो ज्ञात हुआ कि वे कैंसर से पीडि़त हैं। जानकारी मिलते ही वे इलाज कराने लगे। इस बीमारी के बारे में गांव में रह रही उनकी मां कुसुम नायक को भी पता चल गया।

बेहद धार्मिक स्वभाव की 65 वर्षीय वृद्धा कुसुम नायक ने सुबह-शाम ईश्वर का भजन कर सिर्फ अपने बेटे की खुशहाली मांगी और यह भी कहा कि यदि उसके जीते जी बेटे की मौत हुई तो वह अपने भी प्राण त्याग देगी। हुआ भी यही बेटे की मौत झांसी में हुई थी।

सुबह उसे किसी ने इस घटना के बारे में बताया तो पहले से ही प्रण कर चुकी वृद्धा ने सल्फास खा ली। दूसरी मंजिल में आत्महत्या की गरज से सल्फास खा चुकी वृद्धा बेहोश पड़ी थी।

जैसे ही इसके बारे में लोगों को जानकारी मिली उन्हें तुरंत नौगांव और इसके बाद जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मृत्यु हो गई। नौगांव में एक साथ मां बेटे की अर्थी उठने से पूरा माहौल गमगीन हो गया।


दिल्ली के मैक्स अस्पताल से मनाही होने पर आ गए थे झांसी

मृतक कमलकिशोर नायक नौगांव में प्रोपर्टी डीलर के रूप में कार्य करते थे। कैंसर का इलाज दिल्ली में चल रहा था। श्री नायक की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें दिल्ली के मैक्स अस्पताल ले जाया गया था।

हालत काफी बिगडऩे के कारण यहां के डॉक्टरों ने घर ले जाकर सेवा करने का सुझाव दिया। डॉक्टर की सलाह पर उनके परिवार के सदस्य वापिस आ रहे थे और झांसी के रामराजा अस्पताल में भर्ती करा दिया था।

कमलकिशोर नायक की इच्छा थी कि वह अपने परिवार को आखिरी बार देख लें इसलिए उनके छोटे भाई राजकिशोर नायक मां कुसुम और परिवार के अन्य सदस्यों को लेकर झांसी आ गए।

चूंकि यहां कमलकिशोर नायक खुद को अच्छा महसूस कर रहे थे इसलिए उनके कहने पर पूरा परिवार वापिस आ गया था। इसी दौरान रात में श्री नायक का निधन हो गया।


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