पीएचडी प्रवेश परीक्षा में BHU की मनमानी OBC छात्रो से भेदभाव नहीं दिया जा रहा उन्हें हक़

पीएचडी प्रवेश परीक्षा में BHU की मनमानी OBC छात्रो से भेदभाव नहीं दिया जा रहा उन्हें हक़

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बीएचयू में पीएचडी प्रवेश में पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) छात्रों से भेदभाव पर मार्च निकालने की कोशिश की गई। भेदभाव और अनियमितता की शिकायत करने जा रहे ओबीसी छात्रों को पुलिस ने सिंहद्वार पर ही रोक लिया।

वे रवींद्रपुरी स्थित प्रधानमंत्री के जनसम्पर्क कार्यालय में ज्ञापन सौंपना चाहते थे। गेट पर ही एसीएम तृतीय ने उनसे ज्ञापन ले लिया। वहां से छात्र लौट कर केंद्रीय कार्यालय पर धरना दिया और मांगों पर विचार के लिए 20 फरवरी तक का समय विश्वविद्यालय प्रशासन को दिया।

साथ ही यह भी कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो 23 से फिर आंदोलन किया जाएगा। ओबीसी कल्याण मंच से जुड़े छात्र पिछले कई दिनों से इसे लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

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उनका आरोप है कि बीएचयू के विभिन्न विभागों में पीएचडी दाखिले में मनमानी की जा रही है। इसकी वजह है कि पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में ओबीसी वर्ग का प्रतिनिधि नहीं नियुक्त किया जाता है, जबकि अन्य आरक्षित वर्ग एससी/एसटी के प्रतिनिधि नियुक्त किये जाते है।

ओबीसी वर्ग का प्रतिनिधि न होने के कारण रिसर्च प्रपोजल व साक्षात्कार में जानबूझकर कम अंक दिये जाते हैं और उन्हें मेरिट से बाहर कर दिया जाता है।

उनकी मांग है है कि नाम के स्थान पर अनुक्रमांक और कूट संख्या का प्रयोग किया जाए। प्रत्येक पाठ्यक्रम में अध्यनरत छात्र-छात्राओं के लिए 27% आरक्षण अविलंब लागू किया जाय।


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