भजनपुरा मर्डर : सुसाइड नहीं , हाथौड़े से मारकर की गई हत्या, आरी से काटे गए थे शव

भजनपुरा मर्डर : सुसाइड नहीं , हाथौड़े से मारकर की गई हत्या, आरी से काटे गए थे शव

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दिल्ली: भजनपुरा में बुधवार को एक ही घर में 5 लोगो के शव संदिग्ध हालत में मिले थे। इस मामले में पुलिस के हाथ अब कुछ अहम जानकारियां लगी हैं।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह मर्डर का मामला लग रहा है। दंपती और उनके तीनों बच्चों के सिर पर पहले हथौड़े से वार किया गया और फिर शवों को आरी से काटा गया।

पुलिस मर्डर केस दर्ज कर हत्या की वजह जानने की कोशिश कर रही है। मृतकों की पहचान शंभूनाथ चौधरी (43), पत्नी सुनीता (37), बेटा शिवम (17) व सचिन (14) और बेटी कोमल (12) के रूप में हुई है। शंभू बिहार के सुपौल जिले से थे।

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यह है मामला?

भजनपुरा ‘सी’ ब्लॉक की गली नंबर 10 में बदबू आ रही थी। आसपास के लोगों ने पता लगाया तो सी-275 नंबर मकान से यह बदबू आ रही थी। ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाला परिवार करीब पांच-छह दिन से दिखा नहीं था। मकान के बाहर से ताला लगा हुआ था।

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इसलिए सामने वाले दुकानदार ने पुलिस कॉल कर बदबू आने की सूचना दी। दरवाजा बाहर से बंद होने से पुलिस ने ताला तोड़ा।

अंदर घुसकर देखा तो एक कमरे में दो और दूसरे कमरे में तीन लाशें पड़ी थीं। कमरे के हालात देखकर पुलिस टीम सन्न रह गई।

पुलिस कॉल सुबह 11:16 पर की गई थी। एक मकान में बेरहमी से किए गए पांच मर्डर की जानकारी तत्काल आला अफसरों को दी गई। संवेदनशील इलाका होने की वजह से जिले की लाइन और आसपास के थानों से फोर्स बुला ली गई।

पुलिस के आला अफसर मौका मुआयना करने पहुंच गए। फरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को बुलाया गया। जिले के स्पेशल स्टाफ की टीम भी इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेने पहुंची। आसपास के लोगों से पूछताछ की गई।

मृतक फैमिली के परिजनों और रिश्तेदारों को खबर दी गई। दोपहर करीब 2:30 बजे के बाद मृतक शंभूनाथ चौधरी के मामा शंकर जायसवाल पहुंचे।

बुराड़ी में रहने वाले शंभू के भाई रोशन भी दोपहर बाद भजनपुरा पहुंच गए। महज छह महीने पहले मकान में किराए पर आई फैमिली का आसपास के लोगों से ज्यादा मिलना-जुलना नहीं था।

भजनपुरा इलाके में रहने वाले शंकर ने बताया कि शंभू की फैमिली काफी अच्छी थी। वह खुद अच्छा कमा लेते थे। पहले भजनपुरा में ही वह जूस की दुकान चलाते थे। करीब एक साल से वह ई-रिक्शा लेकर चला रहे थे।

किसी से कभी झगड़े वाली बात सामने नहीं आई। किसी से पैसे लेने-देने का मामला भी कभी नहीं सुना। एक इलाके के बावजूद उनकी काफी समय से शंभू से मुलाकात नहीं हुई थी।

बच्चे भी ठीक थे। पुलिस ने मकान के भीतर नहीं घुसने दिया, इसलिए वह नहीं जानते हैं कि किसने किया और क्यों किया/


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