BBAU के शोध छात्र ने पीड़िता के मदद के लिए यूपी पुलिस को किया ट्वीट, पुलिस ने पहुंचाए 10 हजार, इंसानियत जिन्दा है। – रायबरेली

BBAU के शोध छात्र ने पीड़िता के मदद के लिए यूपी पुलिस को किया ट्वीट, पुलिस ने पहुंचाए 10 हजार, इंसानियत जिन्दा है।

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प्रदेश पुलिस को लेकर आये दिन मीडिया में जो उनकी छवि बन रही है उससे तो सभी परचित है लेकिन खाकी के पीछे अभी भी इंसानियत है जो समय आने पर अपना फर्ज पूरा करती है।

जनपद रायबरेली प्रभारी निरीक्षक भदोखर रामआशीष उपाध्याय ने आज ऐसी ही एक इंसानियत की मिशाल पैदा किया। जिन्होंने एक ट्वीट पर जन सहयोग से पीड़िता को ₹10000 उपलब्ध करा दिए गए हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर यथासंभव मदद की बात कही।

दरसल ट्विटर पर @ranjeet_rbl नाम के यूजर ने @upp को टैग करते हुए लिखा

कौन हैं ? रंजीत कुमार स्वतंत्र पत्रकार

दरसल रंजीत कुमार लखनऊ स्थित बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के जन संचार एवं पत्रकारिता विभाग के शोधार्थी है जो ग्रामीण विकास एवं पर्यवरण के लिए स्वतंत्र पत्रकारिता भी करते है। उन्होंने बताया की उन्हें एक फोन आया और मदद के लिए गुहार लगाया उन्होंने प्रकरण को जानकारी करके पुलिस को सूचना देने के लिए @upp के ट्विटर हैंडल को टैग किया।

कौन है पीड़िता

द नेटिजन न्यूज़ ने पीड़िता के पिता गंगाराम से बात किया मिली जानकारी के अनुसार, रायबरेली थाना भदोखर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पकरा गिरिफ्ता में एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार की घटना कुछ महीने पहले जनपद की अखबर की सुर्ख़ियों में थी। जिस मामले में पुलिस में उचित कार्यवाही करते हुए FIR दर्ज करके आरोपियों को जेल भेज दिया था।

घटना से जुड़े मामले सही न्याय हो सके इस लिए DNA टेस्ट की मांग की गई थी DNA टेस्ट के लिए बेबी को होना जरूरी था। पीड़िता को प्रसव पीड़ा होने पर जनपद के जिला अस्पताल ले जाय गया जहाँ कोरोना पॉजिटिव पायी गई और उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया।

जहाँ पीड़िता के पिता के पास एक ररुपये नहीं थे। उसने बताया की घर पर उसके 4 छोटे-छोटे बच्चे है। वह अत्यंत गरीब है खाने को मोहताज है और राशन कार्ड भी कट गया है वह पति पत्नी यहाँ लखनऊ में है उसे समझ नहीं आ रहा है क्या करे?

पीड़िता के पिता कहना है रंजीत के नाना का घर उसके गाँव में है उसे मालूम था कि वह लखनऊ में रहकर पढाई करता है इसलिए मदद के लिए उन्होंने रंजीत को दोपहर में कॉल किया था।

जिसके बाद बताते है एक पुलिस वाले ने उन्हें 10 हज़ार रूपये दिए थे। और उन्होंने आगे मदद के लिए कहा है। बाकि उन्हें कुछ नहीं पता। वंही घटना के बाद लोग पुलिस के इस अच्छे कार्य की सराहना कर रहे है।


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