सीमा पर तनाव के बीच केंद्र सरकार ने लिया चीनी बैंक से 9000 करोड़ रुपए का कर्ज! – News

सीमा पर तनाव के बीच केंद्र सरकार ने लिया चीनी बैंक से 9000 करोड़ रुपए का कर्ज!

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भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर तनाव जारी है। इसी बीच वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने सोमवार को संसद को बताया कि केंद्र ने पड़ोसी देश चीन से सीमा तनाव के बीच कोरोना वायरस संकट के बीच चीनी समर्थित एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक से 9,000 करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज पर दो ऋण लिए हैं।

वित्‍त राज्‍य मंत्री अनुराग ठाकुर की तरफ से सदन को बताया गया है कि कोरोना वायरस महामारी से जूझने के लिए सरकार ने यह कर्ज चीन से लिया है।

लोकसभा में साझा की जानकारी

अनुराग ठाकुर ने सदन को उस समय यह जानकारी दी जब बीजेपी के सांसदों, सुशील कुमार सिंह और पीपी चौधरी की तरफ से लोकसभा में सरकार से पूछा गया था कि केंद्र ने फंड का प्रयोग कैसे किया और क्‍या इन फंड्स को राज्‍यों को भी ट्रांसफर किया गया था?

केंद्र सरकार की तरफ से इस जानकारी को ऐसे समय में साझा किया गया है जब लद्दाख में चीन बॉर्डर पिछले चार माह से टकराव जारी है। इससे पहले केंद्रीय वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से एआईआईबी को भारत के महत्‍वाकांक्षी प्रोजेक्‍ट में हिस्‍सा लेने के लिए आमंत्रित किया था।

यह एक इनफ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रोजेक्‍ट है जो करीब 111 लाख करोड़ का है। सरकार इस प्रोजेक्‍ट को कोरोना वायरस महामारी से हुए नुकसान से उबरने के लिए तेजी से आगे बढ़ा रही है। सरकार का मकसद प्रोजेक्‍ट के जरिए सुस्‍त पड़ी अर्थव्‍यवस्‍था में जान फूंकना है।

साल 2016 में शुरू हुआ AIIB

भारत, एआईआईबी बैंक का संस्‍थापक सदस्‍य है और इसमें उसके 7.65 प्रतिशत शेयर हैं। जबकि चीन की हिस्‍सेदारी इसमें 26.63 प्रतिशत है और ऐसे में उस पर ही इसका मालिकाना हक है। यह एक संगठन है जिसकी शुरुआत साल 2016 में की गई थी।

अनुराग ठाकुर ने लोकसभा को बताया है कि पहला लोन एग्रीमेंट एआईआईबी के साथ आठ माई को साइन हुआ था। जबकि दूसरा एग्रीमेंट 19 जून को साइन किया गया था।

यानी गलवान घाटी हिंसा के चार दिन बाद। 15 जून को गलवान घाटी हिंसा में भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए थे। इसके बाद सरकार की तरफ से 59 चीनी एप्‍स को बैन करने का फैसला किया गया था।


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